Repo Rate क्यों बढ़ाया या घटाया जाता है?
RBI देश की अर्थव्यवस्था को संतुलित रखने के लिए समय-समय पर Repo Rate बदलता है।
1. महंगाई (Inflation) बढ़ने पर
RBI Repo Rate बढ़ा देता है
बैंक को RBI से महंगा लोन मिलता है
बैंक भी जनता को महंगे ब्याज पर लोन देते हैं
इससे लोन कम लिए जाते हैं और बाजार में पैसा कम घूमता है
महंगाई धीरे-धीरे कम होने लगती है
2. अर्थव्यवस्था धीमी होने पर
RBI Repo Rate घटा देता है
बैंक को सस्ता लोन मिलता है
वे जनता को कम ब्याज पर लोन देते हैं
इससे लोन की मांग बढ़ती है और बाजार में पैसा बढ़ता है
अर्थव्यवस्था में तेजी आती है
Repo Rate का आपके ऊपर क्या असर पड़ता है?
1. होम लोन, कार लोन की EMI
Repo Rate बढ़ने पर EMI बढ़ जाती है
Repo Rate घटने पर EMI कम हो जाती है
2. बैंक ब्याज दरें
FD, RD और सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दरें भी Repo Rate से प्रभावित होती हैं।
3. बिजनेस लोन
ब्याज दर बढ़ने पर कारोबारियों की लागत बढ़ जाती है
लोन सस्ता होने पर व्यवसाय बढ़ाने में आसानी होती है
Repo Rate और Reverse Repo Rate में अंतर
आधार Repo Rate Reverse Repo Rate
किसे लोन मिलता है? बैंक को RBI से RBI को बैंकों से
ब्याज का भुगतान कौन करता है? बैंक RBI
उद्देश्य महंगाई नियंत्रित करना, लोन सस्ता/महंगा करना बाजार से अतिरिक्त पैसा खींचना
Repo Rate क्यों महत्वपूर्ण है?
देश की आर्थिक वृद्धि को संतुलित रखता है
महंगाई को कंट्रोल करता है
बैंकिंग सिस्टम पर सीधा प्रभाव डालता है
निवेश, बचत और उपभोक्ता खर्च को प्रभावित करता है
निष्कर्ष
Repo Rate अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। यह महंगाई, लोन की कीमत, बैंकिंग सिस्टम और आम जनता की जेब पर बड़ा प्रभाव डालता है। RBI आर्थिक हालात को देखते हुए रेपो रेट में बदलाव करता है ताकि देश की अर्थव्यवस्था स्थिर रहे।


